यूरोपीय कंपनियों का आगमन क्रम (Arrival of European Companies)

Arrival of European Companies

यूरोपीय देशो का 15वीं सदी के अन्त में भारत आने के साथ ही सामुद्रिक रास्तों की खोज होना प्रारम्भ हो गया | यद्यपि यूरोपीय भारत के अलावा भी बहुत स्थानों पर अपने उपनिवेश बनाने में कामयाब हुए पर इनमें से अधिकांश का मुख्य आकर्षण भारत ही था। 17वीं सदी के अंत तक यूरोपीय कई एशियई जगहों पर अपनी उपस्थिति दर्ज़ करा चुके थे और अठारहवीं सदी के उत्तरार्ध में वे कई जगहों पर काबिज़ हो गए थे। भारत पर उन्नासवीं सदी में जाकर ही अंग्रेजों का एकाधिकार हो पाया था। आइए जाने यूरोपीय कंपनियों का भारत आने का सही क्रम –

युक्ति:
पुत्र अडा डैड फसा
स्पष्टीकरण :
क्रमयुक्तिदेशसन
1पुत्रपुर्तगाली (Portuguese)1498
2अंग्रेज (British- Englishman)1600
3डाडच (Dutch)1602
4डैडडैनिस (Dennis)1616
5फ्रांसीसी (French)1664
6सास्वीडिश (Swedish)1731

 

महत्वपूर्ण-

 

  • वास्कोडिगामा भारत में कब आया? 17 मई, 1498 ई.
  • वास्कोडिगामा भारत में सर्वप्रथम कहाँ आया? कालीकट बंदरगाह
  • 1505 ई. में भारत में पुर्तगालियों का सर्वप्रथम वायसराय कौन बना? फ्रांसिस्को द अल्मेडा (Francisco de Almeida)
  • पुर्तगालियों ने पहली व्यापारिक कोठी कहाँ खोली? कोचीन
  • डचों ने भारत में अपनी प्रथम व्यापारिक कोठी कहाँ खोली? मसूलीपट्टम
  • इंग्लैंड की रानी एलिजाबेथ ने East India Company को कब अधिकार-पत्र प्रदान किया? 1600 ई.
  • अंग्रेजों ने सर्वप्रथम व्यापार का केंद्र कहाँ बनाया? सूरत
  • 1615 ई. में सम्राट जेम्स I ने किसे अपना राजदूत बनाकर जहाँगीर के दरबार में भेजा? सर टॉमस रो (Sir Thomas Roe)
  • 1639 ई. में अँगरेज़ फ़्रांसिस डे ने कहाँ के राजा से मद्रास (चेन्नई) पट्टे पर लिया? चंद्रगिरी
  • 1687 ई. में अंग्रेजों ने पश्चिमी तट का मुख्यालय सूरत से हटाकर कहाँ बनाया? बम्बई
  • बंगाल के शासक शाहशुजा ने सर्वप्रथम 1651 ई. में अंग्रेजों को व्यापारिक छूट की अनुमति दी. इस अनुमति को क्या कहते थे? निशान
  • भारत में फ्रांसीसियों की प्रथम कोठी फ्रैंकों कैरों के द्वारा कहाँ 1688 ई. में स्थापित की गयी? सूरत
  • 1674 ई. में किसने पांडिचेरी की स्थापना की? फ्रांसिस मार्टिन (Francis Martin)
  • अधिक जानकारी हेतु विकीपीडिया देखे
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